“Doctor sahab, mere haath-pair mein jhanjhanahat aur sunnpan ho raha hai. Shayad Vitamin B12 ki kami hai?”
यह सवाल मुझे अक्सर सुनने को मिलता है।
कई लोग हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन, जलन या चींटी चलने जैसा एहसास होते ही B12 की tablets लेना शुरू कर देते हैं। कुछ लोग pharmacy से vitamin injection भी लगवा लेते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। हर बार हाथ-पैर की झनझनाहट और सुन्नपन B12 की कमी की वजह से नहीं होते हैं।
कभी इसकी वजह nerve problem, diabetes से होने वाली neuropathy, spine की समस्या या nerve compression भी हो सकती है। इसलिए अगर symptoms बार-बार हो रहे हैं या बढ़ रहे हैं, तो सिर्फ B12 की गोली लेकर इंतजार करना सही तरीका नहीं है।
हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन B12 की कमी से क्यों होते हैं?
Vitamin B12 हमारे nervous system के लिए बहुत important है। इसकी कमी nerves को प्रभावित कर सकती है।
Haryana में यह बात क्यों important है?
मेरे पास नारनौल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में एक कॉमन पैटर्न देखने को मिलता है।
- किसी को कई महीनों से पैरों में जलन होती है।
- किसी के हाथ सुन्न होते रहते हैं।
- किसी को लगता है कि पैरों में चींटियाँ चल रही हैं।
- और कई लोग इसे सिर्फ़ “कमज़ोरी” या “विटामिन की कमी” समझकर छोड़ देते हैं।
यहीं से समस्या शुरू हो सकती है।
नॉर्थ इंडिया में हुई एक स्टडी में बी12 की कमी वाले मरीजों में पेरेस्थीसिया यानी झनझनाहट एक आम न्यूरोलॉजिकल लक्षण पाया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह की झनझनाहट बी12 की कमी की वजह से होती है। इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि झनझनाहट और सुन्नपन का बी12 की कमी और नसों से जुड़े लक्षणों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध हो सकता है, जिसे सही तरीके से जांचना और समझना ज़रूरी है।
क्या B12 की कमी या Neuropathy—कैसे समझें?
मान लीजिए किसी व्यक्ति को दोनों पैरों में धीरे-धीरे सुन्नपन और जलन शुरू होती है। वह सोचता है, “शायद विटामिन बी12 की कमी होगी।”
लेकिन अगर उसे डायबिटीज़ भी है, तो डायबिटिक पेरीफेरल न्यूरोपैथी इसका एक संभावित कारण हो सकता है। अगर साथ में कमर से पैर तक दर्द या झनझनाहट जाती है, तो रीढ़ की हड्डी या नस पर दबाव की भी जाँच करनी पड़ सकती है।
अगर कमजोरी बढ़ रही है, संतुलन बिगड़ रहा है या चलने में परेशानी होने लगी है, तो न्यूरोलॉजिकल जाँच और भी ज़रूरी हो जाती है।
इसलिए मेरा तरीका सरल है: पहले कारण पता करें, फिर इलाज करें।
अगर पैरों की झनझनाहट या दर्द कमर से नीचे पैर तक जाता है, तो यह सायटिका या नसों से जुड़े दर्द से भी जुड़ा हो सकता है।
किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए?
अगर आपको कभी-कभी थोड़ी देर के लिए हाथ-पैर में झनझनाहट होती है और position बदलने के बाद ठीक हो जाती है, तो हर बार घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर हाथ-पैर का सुन्न होना बार-बार हो रहा है, लगातार बना रहता है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो इसे ignore नहीं करना चाहिए।
खासकर अगर इसके साथ:
- हाथ-पैर में लगातार झनझनाहट
- पैरों में जलन या burning sensation
- sensation कम होना
- हाथ या पैर में कमजोरी
- चलते समय balance बिगड़ना
- बार-बार पैर लड़खड़ाना
- सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी
- चलने का तरीका बदलना
अगर झनझनाहट और सुन्नपन B12 की कमी या नसों की समस्या के कारण लगातार बढ़ रहा है, तो मेरी इस गाइड में बताए गए 10 चेतावनी संकेत भी ज़रूर देखें।

B12 टेस्ट कराना चाहिए या न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए?
अगर लक्षण विटामिन B12 की कमी की ओर इशारा करते हैं, तो डॉक्टर सीरम विटामिन B12 सहित जरूरी ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। कुछ मरीजों में रिपोर्ट पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। ऐसे मामलों में लक्षणों को देखते हुए मिथाइलमैलोनिक एसिड (MMA) या होमोसिस्टीन जैसे अतिरिक्त टेस्ट भी उपयोगी हो सकते हैं।
लेकिन अगर लक्षण गंभीर हैं, तो केवल ब्लड रिपोर्ट देखकर फैसला करना सही नहीं है। न्यूरोलॉजिकल जांच से यह समझने में मदद मिलती है कि सुन्नपन किस तरह की नसों की समस्या से जुड़ा हो सकता है। जरूरत पड़ने पर एनसीवी/ईएमजी, ब्लड शुगर, थायरॉइड या अन्य जांच भी कराई जा सकती हैं। हर मरीज को सभी टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। जांच का फैसला लक्षणों और न्यूरोलॉजिकल जांच के आधार पर किया जाता है।
क्या खुद से B12 लेना सही है?
मैं मरीजों को यही सलाह दूंगा कि केवल लक्षण देखकर B12 इंजेक्शन या सप्लीमेंट खुद से शुरू न करें।
B12 की कमी की पुष्टि के लिए लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरी जांचों को साथ में देखना बेहतर होता है। 2026 में प्रकाशित भारतीय विशेषज्ञों के कंसेंसस में भी निदान के दौरान क्लिनिकल लक्षणों को महत्व देने और जरूरत के अनुसार विशेष बायोमार्कर की जांच करने पर जोर दिया गया है। खासकर अगर सुन्नपन लगातार बढ़ रहा है, कमजोरी या संतुलन की समस्या हो रही है, तो केवल विटामिन सप्लीमेंट लेने पर निर्भर रहना सही नहीं है।
हाथ-पैर का सुन्न होना हमेशा B12 की कमी के कारण नहीं होता। इसके कई अन्य संभावित नसों से जुड़े कारण भी हो सकते हैं, जिनके बारे में मैंने यहां विस्तार से बताया है।

FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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B12 की कमी से पैर में जलन और सुन्नपन क्यों होता है?
विटामिन B12 हमारे nervous system के सही काम करने के लिए जरूरी है। इसकी कमी नसों को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण पैरों में जलन, झनझनाहट, सुन्नपन या संवेदना कम होने जैसी समस्या महसूस हो सकती है।
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क्या B12 सामान्य होने पर भी हाथ-पैर सुन्न हो सकते हैं?
बिल्कुल। हाथ-पैर का सुन्न होना हमेशा B12 की कमी के कारण नहीं होता। डायबिटीज, नसों से जुड़ी समस्या, रीढ़ की हड्डी पर नसों का दबाव और दूसरी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। इसलिए केवल B12 रिपोर्ट देखकर दूसरी संभावित वजहों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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B12 की कमी के लिए कौन-सा टेस्ट करवाना चाहिए?
आमतौर पर डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर सीरम विटामिन B12 टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में रिपोर्ट स्पष्ट न होने पर MMA या होमोसिस्टीन जैसे अतिरिक्त टेस्ट भी जरूरी हो सकते हैं। रेवाड़ी में B12 और इससे जुड़े जांच की सुविधा भी उपलब्ध है।
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क्या B12 की कमी से चलने में संतुलन बिगड़ सकता है?
हाँ। गंभीर B12 की कमी nervous system को प्रभावित कर सकती है और कुछ मरीजों में संतुलन बिगड़ने या चलने में परेशानी हो सकती है। अगर सुन्नपन के साथ चलते समय लड़खड़ाहट भी शुरू हो गई है, तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।
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हाथ-पैर सुन्न होने पर किस डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर सुन्नपन बार-बार हो रहा है, लगातार बढ़ रहा है या इसके साथ कमजोरी, जलन या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्या है, तो न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरो विशेषज्ञ से जांच करवाना उचित हो सकता है। खासकर तब, जब केवल विटामिन सप्लीमेंट लेने के बाद भी लक्षण ठीक नहीं हो रहे हों।
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क्या B12 की गोली लेने से हाथ-पैर का सुन्नपन ठीक हो जाएगा?
अगर लक्षण वास्तव में B12 की कमी के कारण हैं, तो उचित इलाज से सुधार हो सकता है। लेकिन अगर समस्या डायबिटीज, नस पर दबाव, रीढ़ की समस्या या किसी अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थिति के कारण है, तो केवल B12 सप्लीमेंट लेने से मूल समस्या का इलाज नहीं होगा।
लेखक के बारे में
डॉ. कविंद्र सिंह नारनौल (हरियाणा) में रेनबो मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के एक अनुभवी न्यूरोसर्जन (Neurosurgeon) हैं। AIIMS दिल्ली और PGIMER चंडीगढ़ से प्रशिक्षित, वे मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी जटिल समस्याओं के विशेषज्ञ हैं। वे मरीजों को जागरूक करने और नसों की सही जांच (Neurological Evaluation) के माध्यम से सुन्नपन व झनझनाहट के सही कारण के इलाज पर जोर देते हैं। यदि आप नारनौल, महेंद्रगढ़, नीमराना, रेवाड़ी या आसपास के क्षेत्रों से हैं और आपको भी हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या चलने में balance की परेशानी हो रही है, तो आप Rainbow Multi Speciality Hospital में उनसे परामर्श व comprehensive neurological evaluation करा सकते हैं।
चिकित्सकीय अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण के आधार पर खुद से इलाज न करें। सही जांच और सलाह के लिए डॉक्टर से ज़रूर मिलें।